Wednesday, October 21st, 2026

शिवराज-योगी की मुलाकात से पूरी तरह सुलझेगा केन-बेतवा विवाद

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच जल्द मुलाकात हो सकती है। दोनों के बीच होने वाली चर्चा में दोनों प्रदेशों से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। इस मुलाकात में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच एक अरसे से केन-बेतवा नदी के पानी बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद निपटने की उम्मीद बढ़ी है। जानकारी के अनुसार दोनों सूबे के अफसरों के बीच पानी का फार्मूला करीब-करीब तय हो चुका है। अंतिम मुहर दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को लगानी है। जल्द ही दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री इस संबंध में बैठक कर सकते हैं। गौरतलब है कि पिछले माह केंद्रीय मंत्री ने भी इस संबंध में जानकारी दी थी। उन्होंने जल्द इस योजना को शुरू होने के संकेत दिए थे।

छतरपुर के हरपालपुर से होकर उप्र के मऊरानीपुर बार्डर से मप्र के जतारा तहसील के गांवों से होकर इस नहर को बरुआसागर बांध के ऊपर से होते हुए ओरछा के निचले हिस्से में स्थित नोट घाट पुल में मिला दिया जाएगा। नहर का पूरा डूब व प्रभावित क्षेत्र मध्यप्रदेश में है। इसी वजह से मप्र अधिक पानी पर हक जाता रहा जबकि उप्र दूसरी परियोजनाओं का हवाला देते हुए बराबर पानी की मांग कर रहा। मप्र की ओर से बारिश के दौरान पानी छोड़ने की बात कही जा रही थी जबकि उप्र सभी फसली सीजन में बराबर पानी मांग रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से गतिरोध चल रहा था लेकिन, पिछले माह दोनों सूबे के उच्च अफसरों के बीच कई चक्रों में हुई वार्ता के दौरान अब पानी बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है।

केन-बेतवा लिंक परियोजना का खाका वर्ष 2008 में तैयार किया गया था। प्रारंभिक दौर में यह योजना नौ हजार करोड़ रुपये की बनाई गई थी। लेकिन, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच पानी के विवाद में फंसी इस योजना की लागत 19 हजार करोड़ तक पहुंच गई। इसकेजरिए मप्र एवं उप्र के तीन-तीन जिलों की कुल 6,35,661 हेक्टेयर भूमि सिंचित होनी है। परियोजना के मुताबिक उप्र के बांदा व मप्र के छतरपुर जिले की सीमा पर बोधन गांव के निकट गंगोई बांध से केन नदी को तीस मीटर चौड़ी कंक्रीटनहर बनाकर आगे ले जाना है। धसान नदी पर एक टनल (सुरंग) बनाकर इसे आगे बढ़ाया जाएगा।

 

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Source : Agency

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